सितंबर में IPO मार्केट में भूचाल! Jio Platforms, NSE और Paras Healthcare समेत आ रहे हैं 10 बड़े इश्यू; जानें लिस्ट!
सितंबर में प्राथमिक बाजार (IPO Market) में बड़ा हलचल होने जा रहा है। Jio Platforms के रिकॉर्ड $4B IPO से लेकर NSE, Elevate Campuses और Paras Healthcare के आने वाले इश्यू की पूरी डिटेल पढ़ें।
सितंबर में IPO बाजार में महा-धमाका: Jio Platforms, NSE और Paras Healthcare समेत ये दिग्गज कंपनियाँ करेंगी बाजार में एंट्री; देखें पूरी लिस्ट!
मुंबई (फाइनेंस डेस्क - 31 अगस्त): भारतीय शेयर बाजार (Primary Market) में सितंबर का महीना खुदरा और संस्थागत निवेशकों (Retail & Institutional Investors) के लिए बेहद रोमांचक साबित होने वाला है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से हाल ही में कई दिग्गज कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को हरी झंडी मिलने के बाद प्राथमिक बाजार में आईपीओ की भारी बाढ़ आने वाली है।
मुकेश अंबानी की Jio Platforms के भारत के अब तक के सबसे बड़े मेगा आईपीओ से लेकर National Stock Exchange (NSE), Paras Healthcare, और Elevate Campuses जैसी दिग्गजों की लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं। अगर आप भी प्राइमरी मार्केट से लिस्टिंग गेन (Listing Gain) या लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएट करना चाहते हैं, तो सितंबर में आने वाले प्रमुख आईपीओ की यह इनसाइड रिपोर्ट आपके लिए बेहद मददगार साबित होगी।
1. Jio Platforms IPO: भारत के इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू ($4 Billion)
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा Jio Platforms Ltd को हाल ही में SEBI से अपने ऑब्जर्वेशन लेटर्स (स्वीकृति) मिल चुके हैं।
-
इश्यू साइज और वैल्युएशन: कंपनी लगभग ₹37,700 करोड़ ($4 बिलियन) जुटाने की योजना बना रही है, जिसके साथ इसका वैल्युएशन $100 बिलियन के पार जा सकता है।
-
हुंडई का रिकॉर्ड टूटेगा: अगर यह आईपीओ सितंबर या अगली तिमाहियों में लिस्ट होता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया (₹27,870 करोड़) के रिकॉर्ड को पछाड़कर भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।
-
फंड का उपयोग: कंपनी नए शेयर जारी कर ₹27,500 करोड़ की राशि का इस्तेमाल अपने डेट (कर्ज) को चुकाने में करेगी।
2. National Stock Exchange (NSE) IPO: बाजार के सबसे बड़े एक्सचेंज की एंट्री
लंबे समय से निवेशकों की नजर देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE (National Stock Exchange) के प्रस्तावित आईपीओ पर बनी हुई है।
-
मार्केट सेंटीमेंट: एनएसई के अनारक्षित बाजार (Unlisted Market) में शेयरों की भारी मांग है। नियामक की ओर से प्रक्रियागत मंजूरी मिलते ही यह इश्यू ₹30,000 करोड़ के दायरे में बाजार में दस्तक दे सकता है।
-
निवेशकों की दिलचस्पी: वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर मजबूती के कारण संस्थागत निवेशक इसमें भारी बोली लगाने की तैयारी में हैं।
3. Paras Healthcare & Hospital Sector IPOs
हेल्थकेयर और हॉस्पिटल सेक्टर में तेजी को भुनाने के लिए Paras Healthcare (पारस हॉस्पिटल्स) को भी SEBI की मंजूरी मिल चुकी है।
-
कैपेसिटी एक्सपेंशन: पारस हेल्थकेयर आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों के विस्तार और पुराने कर्ज को कम करने में करेगी।
-
हेल्थकेयर बूम: कोविड-19 के बाद से भारतीय मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के आईपीओ में निवेशकों को हमेशा से बंपर लिस्टिंग गेंस देखने को मिले हैं।
4. Real Estate & Education Infrastructure: Elevate Campuses
एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक स्टूडेंट हाउसिंग सॉल्यूशंस प्रदान करने वाली कंपनी Elevate Campuses भी सितंबर में अपने ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस के साथ बाजार में कदम रख सकती है। भारत में उच्च शिक्षा और स्टूडेंट-लिविंग स्पेस के तेजी से बढ़ते मार्केट साइज को देखते हुए यह एक अनोखा और उभरता हुआ निश (Niche) सेगमेंट साबित हो सकता है।
5. सितंबर में आने वाले अन्य प्रमुख मेनबोर्ड व SME आईपीओ
सितंबर के पहले ही हफ्ते से कई अन्य कंपनियां भी अपने इश्यू ओपन कर रही हैं:
| कंपनी का नाम | इश्यू साइज / प्राइस बैंड | ओपनिंग डेट |
| Purple Style Labs | ₹680 करोड़ (₹546–₹575) | 31 अगस्त - 2 सितंबर |
| ESDS Software Solution | ₹720 करोड़ (₹408–₹429) | 28 अगस्त - 1 सितंबर |
| Rays of Belief / Momsbelief | ₹125 करोड़ (₹227–₹239) | 1 सितंबर - 3 सितंबर |
| Deepa Jewellers | ₹459.72 करोड़ (₹168–₹177) | 1 सितंबर - 3 सितंबर |
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट सलाह: IPO में आवेदन करने से पहले क्या ध्यान रखें?
-
कंपनी का रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) पढ़ें: सिर्फ नाम देखकर निवेश न करें, कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रमोटर बैकग्राउंड की जांच करें।
-
फंड्स का उपयोग (Objects of the Issue): यह देखें कि कंपनी जो पैसा जुटा रही है, क्या उससे नया एसेट या ग्रोथ हो रहा है या सिर्फ प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी (OFS) बेच रहे हैं।
-
GMP पर पूरी तरह निर्भर न रहें: ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium - GMP) केवल एक अनऑफिशियल ट्रेंड दिखाता है; लिस्टिंग वाले दिन बाजार के मूड पर सब निर्भर करता है।





