भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: 'देसी राफेल' तेजस Mk1A के 5 विमान डिलीवरी के लिए तैयार, HAL ने भरी हुंकार

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत! HAL ने तैयार किए 5 स्वदेशी तेजस मार्क 1A लड़ाकू विमान। जानें क्यों इसे 'देसी राफेल' कहा जा रहा है और इसकी मारक क्षमता क्या है।

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: 'देसी राफेल' तेजस Mk1A के 5 विमान डिलीवरी के लिए तैयार, HAL ने भरी हुंकार

नई दिल्ली/बेंगलुरु: भारतीय रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को आज एक बड़ी मजबूती मिली है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने घोषणा की है कि स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस मार्क 1A (Tejas Mk1A) के पहले पांच विमान भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसे रक्षा विशेषज्ञ 'देसी राफेल' के नाम से भी पुकार रहे हैं।

यह विकास ऐसे समय में आया है जब वायुसेना को अपने पुराने होते मिग-21 बेड़े को बदलने और अपनी स्क्वाड्रन स्ट्रेंथ को मजबूत करने की सख्त जरूरत है।

क्या है तेजस मार्क 1A? (Tejas Mk1A Features)

तेजस मार्क 1A, मूल तेजस (Mk1) का एक उन्नत संस्करण है। इसमें 40 से अधिक बड़े सुधार किए गए हैं, जो इसे आधुनिक युद्धक्षेत्र के लिए बेहद घातक बनाते हैं।

मुख्य विशेषताएं:

  1. AESA रडार: इसमें 'एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे' (AESA) रडार लगा है, जो लंबी दूरी से ही दुश्मन के विमानों को ट्रैक करने में सक्षम है।

  2. मिसाइल क्षमता: यह विमान 'अस्त्र' (Astra) जैसी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइलों और आधुनिक जैमिंग सिस्टम से लैस है।

  3. मिड-एयर रिफ्यूलिंग: तेजस Mk1A में हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा है, जिससे इसकी ऑपरेशनल रेंज काफी बढ़ जाती है।

  4. बेहतर मेंटेनेंस: विमान के डिजाइन में बदलाव किया गया है जिससे इसे युद्ध के दौरान कम समय में दोबारा तैयार किया जा सके।

IAF और HAL के बीच का सौदा

भारतीय वायुसेना ने फरवरी 2021 में HAL के साथ 83 तेजस मार्क 1A विमानों के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। हाल ही में वायुसेना ने 97 और विमानों की खरीद के लिए भी रुचि दिखाई है, जिससे कुल संख्या 180 तक पहुँच जाएगी।

विमान का प्रकार तेजस मार्क 1A (LCA Mk1A)
निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
कुल ऑर्डर 83 + 97 (प्रस्तावित)
पहली खेप 5 विमान (तैयार)
स्वदेशी सामग्री लगभग 65% से अधिक

चीन और पाकिस्तान के लिए चुनौती

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस Mk1A के आने से पाकिस्तान के जेएफ-17 (JF-17) पर भारत की बढ़त और मजबूत होगी। अपनी चपलता और छोटे आकार के कारण यह रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता, जिससे यह डोगफाइट (Dogfight) में बेहद खतरनाक साबित होता है।