बड़ी राहत नहीं: ओडिशा हाईकोर्ट ने PUCC के बिना चालान भुगतान और ब्लैकलिस्टिंग नियम को रखा बरकरार
ओडिशा उच्च न्यायालय ने वाहनों के लिए PUCC सर्टिफिकेट के बिना चालान भुगतान और ब्लैकलिस्टिंग नियम को सही ठहराया है। जानें क्या है यह पूरा मामला और वाहन मालिकों पर इसका क्या असर होगा।
भुवनेश्वर: ओडिशा में वाहन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसले में, ओडिशा उच्च न्यायालय (Odisha High Court) ने राज्य परिवहन विभाग के उस नियम को सही ठहराया है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना वाहनों के चालान भुगतान को रोकने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम पूरी तरह संवैधानिक हैं।
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा सरकार के परिवहन विभाग ने एक नियम लागू किया था जिसके तहत यदि किसी वाहन का 'प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र' (PUCC) वैध नहीं है, तो वह वाहन 'वाहन पोर्टल' (Vahan Portal) पर प्रतिबंधित या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक न तो अपना पुराना चालान भर पा रहे थे और न ही वाहन से जुड़ी अन्य सेवाओं (जैसे फिटनेस या ओनरशिप ट्रांसफर) का लाभ उठा पा रहे थे।
इस नियम के खिलाफ कुछ वाहन मालिकों और संगठनों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि चालान भुगतान को PUCC से जोड़ना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे जनता को परेशानी हो रही है।
उच्च न्यायालय का फैसला
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा करना है। अदालत ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे:
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पर्यावरण प्राथमिकता: कोर्ट ने कहा कि जहरीले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोकना जनहित में है। PUCC यह सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है कि वाहन मानकों के भीतर चल रहा है।
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अनुशासन जरूरी: सरकार के पास यह अधिकार है कि वह तकनीक (Vahan Portal) का उपयोग करके नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसे।
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ब्लैकलिस्टिंग जायज: यदि कोई वाहन मालिक नियमों की अनदेखी करता है, तो पोर्टल पर सेवाओं को रोकना एक दंडात्मक और निवारक कदम है जिसे गलत नहीं ठहराया जा सकता।
वाहन मालिकों पर क्या होगा असर?
इस फैसले के बाद अब ओडिशा में रहने वाले सभी वाहन मालिकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अनिवार्य होगा:
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समय पर अपडेट कराएं PUCC: यदि आपके वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो उसे तुरंत रिन्यू कराएं।
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चालान और ब्लैकलिस्टिंग: बिना वैध PUCC के आप न केवल भारी जुर्माने के हकदार होंगे, बल्कि आपके वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे आप कोई भी सरकारी दस्तावेज अपडेट नहीं कर पाएंगे।
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ऑनलाइन ट्रैकिंग: परिवहन विभाग अब डेटा एकीकरण (Data Integration) के जरिए रीयल-टाइम में वाहनों की निगरानी कर रहा है।





