ठाणे महानगरपालिका 2025-26 में संपत्ति कर लक्ष्य से पीछे, वित्तीय चुनौतियाँ बढ़ीं
ठाणे महानगरपालिका 2025-26 के लिए तय संपत्ति कर लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकी। जानिए इसके कारण, वित्तीय असर और आगे की रणनीति।
महाराष्ट्र की प्रमुख नगर निकायों में शामिल ठाणे महानगरपालिका (TMC) वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित संपत्ति कर (Property Tax) संग्रह लक्ष्य को पूरा करने में असफल रही है। यह स्थिति न केवल नगर निगम की आर्थिक सेहत पर असर डाल रही है, बल्कि आने वाले समय में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
संपत्ति कर क्यों है अहम?
संपत्ति कर किसी भी नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत होता है। इसी राशि से:
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सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम का रखरखाव
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कचरा प्रबंधन
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जल आपूर्ति
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स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाएं
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नए विकास कार्य
जैसी जरूरी सेवाओं को संचालित किया जाता है।
लक्ष्य पूरा न होने के मुख्य कारण
ठाणे महानगरपालिका के संपत्ति कर लक्ष्य से पीछे रहने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं:
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कर भुगतान में नागरिकों की उदासीनता
कई संपत्ति मालिक समय पर टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे कुल संग्रह प्रभावित हुआ। -
अवैध और अनधिकृत निर्माण
कई संपत्तियां कर रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे कर आधार (Tax Base) सीमित रह गया। -
डिजिटल सिस्टम से जुड़ी समस्याएं
ऑनलाइन टैक्स भुगतान प्रणाली में तकनीकी दिक्कतें भी संग्रह की गति को प्रभावित करती रही हैं। -
आर्थिक दबाव और महंगाई
बढ़ती महंगाई के चलते नागरिकों की भुगतान क्षमता पर असर पड़ा है।
नगर निगम पर वित्तीय असर
संपत्ति कर लक्ष्य पूरा न होने से:
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विकास परियोजनाओं में देरी
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नए कार्यों के लिए बजट की कमी
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ठेकेदारों और एजेंसियों को भुगतान में अड़चन
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वैकल्पिक आय स्रोतों पर निर्भरता बढ़ने
जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
महानगरपालिका की आगे की रणनीति
ठाणे महानगरपालिका अब राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदमों पर विचार कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
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कर बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
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संपत्ति कर सर्वे को और व्यापक बनाना
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डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करना
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नागरिकों को टैक्स भुगतान के लिए जागरूक करना
नागरिकों से अपील
नगर निगम ने ठाणे के नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर संपत्ति कर का भुगतान करें, ताकि शहर के विकास और बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित किया जा सके।





