असम राज्यसभा चुनाव: जोजेन मोहन, तेरश गोवाला और प्रमोद बोरो ने भरा पर्चा, NDA की जीत तय!
असम में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के जोजेन मोहन, तेरश गोवाला और UPPL के प्रमोद बोरो ने नामांकन दाखिल कर दिया है। जानें पूरी रिपोर्ट।
असम राज्यसभा चुनाव: NDA के तीन दिग्गजों ने दाखिल किया नामांकन, निर्विरोध निर्वाचन की संभावना
गुवाहाटी: असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली है। राज्य की तीन राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों ने आज आधिकारिक तौर पर अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। इन उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जोजेन मोहन और तेरश गोवाला के साथ-साथ यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के अध्यक्ष प्रमोद बोरो शामिल हैं।
शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन
नामांकन प्रक्रिया के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। विधानसभा परिसर में नामांकन दाखिल करने के बाद प्रमोद बोरो ने मीडिया से बात करते हुए सभी विधायकों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा, "मैंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है और मुझे विश्वास है कि राज्य के विकास के लिए सभी दलों के विधायक हमें अपना कीमती वोट देंगे।"
उम्मीदवारों का चयन और समीकरण
भाजपा ने इस बार अपने उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है:
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जोजेन मोहन: असम सरकार में वर्तमान मंत्री और अहोम समुदाय के एक प्रमुख चेहरा हैं। वह ऊपरी असम के शिवसागर जिले की महमोरा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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तेरश गोवाला: दुलियाजान से विधायक गोवाला चाय जनजाति (Tea Garden Community) से आते हैं। उनका नामांकन इस बड़े वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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प्रमोद बोरो: UPPL के अध्यक्ष और बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (BTC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य बोरो को NDA के सहयोगी दल के रूप में मैदान में उतारा गया है।
क्या निर्विरोध जीतेंगे उम्मीदवार?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन तीनों सीटों पर NDA की जीत लगभग तय है। विपक्षी दलों द्वारा अब तक कोई मजबूत उम्मीदवार मैदान में न उतारने के कारण यह संभावना प्रबल है कि जोजेन मोहन, तेरश गोवाला और प्रमोद बोरो निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे।
बता दें कि ये सीटें भुवनेश्वर कलिता (BJP), रामेश्वर तेली (BJP) और अजीत कुमार भुइयां (Independent) का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने के कारण खाली हो रही हैं।
आगामी चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च निर्धारित की गई है। यदि आवश्यक हुआ, तो मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतों की गिनती की जाएगी।
असम में होने वाले ये राज्यसभा चुनाव 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले NDA के लिए एक महत्वपूर्ण मनोबल बढ़ाने वाला कदम साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर भाजपा अपने कैडर को मजबूत कर रही है, वहीं सहयोगियों को साथ लेकर चलने की उसकी नीति भी स्पष्ट दिखाई दे रही है।





