ओडिशा: ढेंकानाल में जंगली हाथी का कहर, चारा लेने गई तीन महिलाओं को उतारा मौत के घाट
ओडिशा के ढेंकानाल में जंगली हाथी का तांडव! जंगल में मशरूम और चारा इकट्ठा करने गई 3 महिलाओं की कुचलकर मौत। जानें वन विभाग की कार्रवाई और इलाके में फैला दहशत का माहौल।
भुवनेश्वर (ओडिशा): ओडिशा के ढेंकानाल जिले में मानव-हाथी संघर्ष (Man-Elephant Conflict) की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के हिंडोल रेंज (Hindol Range) के अंतर्गत आने वाले जसोदापुर गांव के पास एक जंगली हाथी ने हमला कर तीन महिलाओं की जान ले ली। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब महिलाएं सुबह-सुबह जंगल में मशरूम और अन्य वन उत्पाद इकट्ठा करने गई थीं।
कैसे हुई यह घटना?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जसोदापुर गांव की कुछ महिलाएं हर दिन की तरह पास के जंगल में चारा और मशरूम लेने गई थीं। इसी दौरान उनका सामना एक विशालकाय जंगली हाथी से हो गया। हाथी को सामने देख महिलाएं अपनी जान बचाने के लिए भागने लगीं, लेकिन हाथी ने पीछा कर तीन महिलाओं को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और कुचल दिया।
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मृतकों की पहचान: मृतकों की पहचान बेलागाछिया और जसोदापुर गांव की रहने वाली महिलाओं के रूप में हुई है।
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मौके पर मौत: हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि तीनों महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके में तनाव और गम का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग (Forest Department) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में हाथियों की आवाजाही की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस सुरक्षा कदम नहीं उठाए और न ही ग्रामीणों को समय पर अलर्ट किया गया।
वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
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शवों का पोस्टमॉर्टम: पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
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मुआवजे का आश्वासन: प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को सरकारी नियमों के तहत उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
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निगरानी तेज: वन विभाग ने हिंडोल रेंज में हाथियों के झुंड की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में बढ़ता मानव-हाथी संघर्ष
ओडिशा में हाथियों द्वारा इंसानों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि जंगलों की कटाई और हाथियों के गलियारों (Corridors) में मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी अब भोजन की तलाश में बस्तियों का रुख कर रहे हैं, जिससे ऐसी घातक मुठभेड़ें हो रही हैं।
सावधानी बरतने की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल के भीतर न जाएं, खासकर सुबह और शाम के वक्त जब हाथियों की सक्रियता सबसे अधिक होती है।





