चित्रकूट में मंदाकिनी का विकराल रूप: सतना में बाढ़ से हाहाकार, सेना के हेलिकॉप्टर ने शुरू किया एयरलिफ्ट रेस्क्यू ऑपरेशन
मध्य प्रदेश के सतना और धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से बाढ़ का संकट। सेना के हेलिकॉप्टर, NDRF और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
धर्मनगरी में जलप्रलय: मंदाकिनी के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मध्य प्रदेश के सतना जिले और पावन तीर्थ चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पहाड़ों से उतर रहे भारी पानी और रिकॉर्ड तोड़ बारिश से मंदाकिनी नदी अपने पूरे उफान पर है। नदी का जलस्तर पिछले दो दशकों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है, जिससे रिहायशी इलाकों, दुकानों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया है।
सेना और वायुसेना का मोर्चा: हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ-साथ भारतीय सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को बचाव अभियान में उतारा गया है।
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एयरलिफ्ट ऑपरेशन: बाढ़ के तेज बहाव के बीच टापू बने इलाकों में फंसे लोगों को सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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संयुक्त अभियान: NDRF, SDRF और होमगार्ड के जवान मोटरबोट और लाइफ जैकेट्स के सहारे रात-दिन रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।
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अब तक 350 से अधिक लोगों का बचाव: पूरे सतना और चित्रकूट क्षेत्र से अब तक 350 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
रामघाट जलमग्न, कई प्रमुख मार्ग और ट्रेनें प्रभावित
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घाट और बाजार डूबे: चित्रकूट का प्रसिद्ध रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों दुकानें पानी में समा गई हैं।
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हाईवे और संपर्क टूटा: तेज बहाव के चलते पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचा है और सतना-चित्रकूट मार्ग समेत कई मुख्य सड़कों पर यातायात रोक दिया गया है।
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रेलवे ट्रैक पर असर: सतना-मानिकपुर रेलखंड पर पानी भरने के कारण मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है और एहतियातन गति धीमी की गई है।
राहत शिविर और प्रशासन की तैयारी
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए हजारों फूड पैकेट्स, पीने का साफ पानी और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।





