दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल गिरा: 2 की मौत, बेसमेंट में चल रही थी खुदाई
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला बॉयज हॉस्टल (PG) ढहने से बड़ा हादसा हुआ है। बेसमेंट में खुदाई का दावा और मलबे से युवक के वीडियो भेजने की खबर सामने आई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल भरभराकर गिरा: 2 की मौत, बेसमेंट में चल रही थी अवैध खुदाई; मलबे में फंसे युवक ने वीडियो भेजकर मांगी मदद
देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन (साउथ कैंपस के पास) इलाके से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। यहां छात्रों और युवाओं के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही एक 5 मंजिला इमारत (बॉयज पीजी/हॉस्टल) अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भीषण हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
घटना के तुरंत बाद मलबे में फंसे एक युवक का वीडियो सामने आया है, जिसने नीचे दबे रहने के दौरान अपने फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर मदद की गुहार लगाई। इस वीडियो के सामने आते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
हादसे का मुख्य कारण: बेसमेंट में खुदाई का दावा
स्थानीय निवासियों और चश्मदीदों का गंभीर आरोप है कि इस पुरानी 5 मंजिला इमारत के बेसमेंट में बिना सुरक्षा मानकों के लगातार खुदाई और निर्माण कार्य जारी था।
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संकरी गलियों में बनी इस बहुमंजिला इमारत की नींव पहले से ही संवेदनशील थी।
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बेसमेंट को गहरा करने के लिए की जा रही खुदाई के चलते इमारत की नींव कमजोर हो गई, जिससे पूरी संरचना चंद पलों में जमींदोज हो गई।
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दिल्ली नगर निगम (MCD) और स्थानीय प्रशासन की निगरानी पर अब सवाल उठ रहे हैं कि घनी आबादी वाले छात्र बाहुल्य इलाके में बिना सुरक्षा मानकों के यह कार्य कैसे चल रहा था।
मलबे से भेजा वीडियो: "हमें बाहर निकालो, सांस रुक रही है"
हादसे का सबसे मार्मिक पहलू मलबे के भीतर से आया एक वीडियो संदेश रहा। मलबे के नीचे दबे एक छात्र/युवक ने खुद को सीमित स्थान में फंसा पाकर फोन चालू किया और बाहर मौजूद दोस्तों व राहत दलों को भेजा।
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वीडियो में चारों तरफ धूल, कंक्रीट के स्लैब और भारी अंधेरा नजर आ रहा है।
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युवक हांफती हुई आवाज में अपनी लोकेशन बता रहा था और जल्द से जल्द कंक्रीट हटाने की अपील कर रहा था।
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राहत दलों ने युवक के फोन सिग्नल और वीडियो के आधार पर उस हिस्से में तेजी से बचाव अभियान शुरू किया।
घटनाक्रम और प्रमुख तथ्य
| विवरण | स्थिति / तथ्य |
| घटना स्थल | सत्य निकेतन, साउथ कैंपस, नई दिल्ली |
| इमारत का स्वरूप | 5 मंजिला संरचना (बॉयज हॉस्टल / PG) |
| हताहतों की संख्या | 2 की मौत, कई घायल (इलाज जारी) |
| राहत व बचाव दल | NDRF, दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस सेवाएं |
| प्राथमिक कारण | बेसमेंट में निर्माण कार्य और नींव की विफलता |
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ (NDRF) की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं।
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भारी कंक्रीट स्लैब को काटने के लिए हाइड्रोलिक कटर और लाइफ डिटेक्टर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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संकरी गलियां होने की वजह से भारी क्रेन और जेसीबी मशीनों को अंदर ले जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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घायलों को तुरंत नजदीकी एम्स (AIIMS) और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
दिल्ली के सत्य निकेतन, मुखर्जी नगर और करोल बाग जैसे इलाके कोचिंग और छात्र हॉस्टलों के बड़े केंद्र हैं। यहां हर साल हजारों छात्र आते हैं। बिना एनओसी (NOC), बेसमेंट में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह कोई पहला हादसा नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद बेसमेंट की खुदाई पर रोक नहीं लगाई गई थी, जिसका खामियाजा बेकसूर छात्रों को भुगतना पड़ा।
पुलिस ने इमारत मालिक और निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





