"You Start, We Finish It": ईरान ने जारी किया इज़रायल के सैन्य ठिकानों का मैप, ट्रंप की संभावित कार्रवाई पर दी खुली चेतावनी
ईरान ने इज़रायल के भीतर संभावित लक्ष्यों का एक विस्तृत नक्शा (Map) जारी किया है और "You start, we finish it" के नारे के साथ डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने इज़रायल के भीतर सैकड़ों संवेदनशील ठिकानों को चिह्नित करते हुए एक नक्शा जारी किया है। इस नक्शे के साथ एक कड़ा संदेश दिया गया है: "You start, we finish it" (शुरुआत तुम करोगे, खत्म हम करेंगे)। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद ईरान पर संभावित सैन्य हमलों की खबरें तेज हो गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के करीबी माने जाने वाले मीडिया आउटलेट्स ने एक ग्राफिकल मैप साझा किया है। इस मैप में इज़रायल के प्रमुख शहरों, सैन्य हवाई अड्डों, परमाणु केंद्रों और आर्थिक बुनियादी ढांचों को 'रेड ज़ोन' के रूप में दिखाया गया है। तेहरान का कहना है कि यदि अमेरिका या इज़रायल ने ईरान की धरती पर कोई भी हमला करने की हिमाकत की, तो ये सभी ठिकाने ईरान की मिसाइलों और ड्रोनों के निशाने पर होंगे।
ट्रंप की वापसी और तेहरान की चिंता
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में ईरान के खिलाफ 'अधिकतम दबाव' (Maximum Pressure) की नीति अपनाई थी। अब उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद, तेहरान में यह डर और तैयारी दोनों है कि अमेरिका इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रमों या तेल डिपो पर हमला कर सकता है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से पंगु बनाने और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को कम करने के लिए सख्त रुख अपना सकता है। ईरान का यह नया नक्शा इसी संभावित खतरे के जवाब में एक 'निवारक रणनीति' (Deterrence Strategy) के रूप में देखा जा रहा है।

इज़रायल के कौन से ठिकाने हैं निशाने पर?
ईरान द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार, निम्नलिखित क्षेत्रों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है:
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तेल अवीव और हाइफा: इज़रायल के सबसे घनी आबादी वाले शहर और आर्थिक केंद्र।
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नेगेव रेगिस्तान: यहाँ इज़रायल के कई महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित हैं।
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वायु सेना ठिकाने: रामत डेविड और नेवातिम जैसे एयरबेस, जहाँ इज़रायल के आधुनिक F-35 लड़ाकू विमान तैनात हैं।
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बंदरगाह और बिजली संयंत्र: इज़रायल की रसद आपूर्ति को बाधित करने के लिए।
ईरान का 'साइकोलॉजिकल वॉरफेयर'
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नक्शे को जारी करना ईरान के 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' (Psychological Warfare) का हिस्सा है। ईरान यह दिखाना चाहता है कि वह न केवल हमले झेलने के लिए तैयार है, बल्कि उसके पास इज़रायल को अपूरणीय क्षति पहुँचाने की क्षमता भी है। ईरान की "You start, we finish it" की टैगलाइन सीधे तौर पर ट्रंप को यह संदेश देती है कि युद्ध शुरू करना आसान हो सकता है, लेकिन उसका अंत उनकी शर्तों पर नहीं होगा।
वैश्विक प्रभाव
यदि ईरान और इज़रायल के बीच सीधी जंग छिड़ती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा:
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कच्चे तेल की कीमतें: वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
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क्षेत्रीय अस्थिरता: लेबनान (हिजबुल्लाह), यमन (हुती) और इराक के गुट भी इस युद्ध में कूद सकते हैं।
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परमाणु खतरा: दोनों पक्षों के बीच बढ़ता तनाव परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका को भी जन्म देता है।





