पटना NEET छात्रा मौत मामला: एक्शन में DGP; शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द, अब पूरे बिहार में बदलेंगे नियम
पटना नीट छात्रा मौत मामले में डीजीपी की बड़ी कार्रवाई। शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द और संचालिका पर प्रतिबंध। जानिए बिहार के हॉस्टलों के लिए जारी नए सुरक्षा नियम।
पटना। बिहार की राजधानी में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीजीपी (DGP) विनय कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर के उन हॉस्टल संचालकों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे थे।
1. क्या है पूरा मामला? (घटना की पृष्ठभूमि)
जनवरी 2026 में जहानाबाद की रहने वाली एक छात्रा, जो पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी, शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल पाई गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या और दुष्कर्म का मामला बताया है। छात्रा की मौत के बाद उठे जनाक्रोश और पुलिस की प्रारंभिक जांच में हॉस्टल प्रबंधन की कई बड़ी कमियां सामने आई हैं।
2. DGP का सख्त फैसला: संचालिका पर आजीवन प्रतिबंध
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस मामले में हॉस्टल प्रबंधन की चुप्पी और लापरवाही को अक्षम्य बताया है। डीजीपी की कार्रवाई के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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लाइसेंस रद्दीकरण: शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया गया है।
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संचालिका पर बैन: हॉस्टल की संचालिका अब पटना में कभी भी किसी अन्य हॉस्टल का संचालन नहीं कर सकेंगी। उन्हें भविष्य के लिए अयोग्य (Blacklist) घोषित कर दिया गया है।
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कानूनी कार्रवाई: घटना की सूचना समय पर पुलिस को न देने के कारण हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ अलग से कानूनी मामला दर्ज किया जाएगा।
"किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को देना अनिवार्य है। लापरवाही बरतने वाले हॉस्टलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।" - विनय कुमार, DGP बिहार
3. हॉस्टलों के लिए लागू हुई नई सुरक्षा 'चेकलिस्ट'
इस दर्दनाक घटना के बाद बिहार पुलिस ने राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टलों और लॉज के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब हर संचालक को इन नियमों का पालन करना होगा:
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अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: बिना पंजीकरण के चल रहे हॉस्टल अवैध माने जाएंगे। हर थाने के पास अपने क्षेत्र के हॉस्टलों का पूरा डेटाबेस होगा।
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महिला वार्डन: हर गर्ल्स हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य है।
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पुलिस वेरिफिकेशन: रसोइया, गार्ड और सफाईकर्मियों सहित सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा।
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सीसीटीवी और बायोमेट्रिक्स: प्रवेश द्वार और साझा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षित बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम लगाना जरूरी होगा।
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नो मेल एंट्री: रात के समय किसी भी पुरुष का हॉस्टल परिसर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
4. सरकार का संकल्प: 9 फरवरी को होगी बड़ी बैठक
बिहार सरकार भी इस मुद्दे पर काफी गंभीर है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि बेटियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार अब निजी हॉस्टलों और कोचिंग सेंटरों के लिए एक नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार कर रही है।
इस दिशा में 9 फरवरी को एक राज्य-स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक बुलाई गई है, जिसमें हॉस्टलों के लिए और भी कड़े कानून और दंड के प्रावधानों पर मुहर लग सकती है।





