बांग्लादेश चुनाव 2026: वोटिंग से पहले अमेरिकी सांसदों की सख्त चेतावनी, चुनाव की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंदू और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हुए अत्याचार पर अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है। कांग्रेसनल ब्रीफिंग में सांसदों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यहां चुनाव फ्री और फेयर नहीं हैं।

बांग्लादेश चुनाव 2026: वोटिंग से पहले अमेरिकी सांसदों की सख्त चेतावनी, चुनाव की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
Foreign policy analyst Michael Rubin At Congressional Briefing

ढाका/वाशिंगटन: बांग्लादेश में होने वाले ऐतिहासिक आम चुनावों से ठीक पहले वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। अमेरिकी सांसदों के एक प्रभावशाली समूह ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि प्रमुख राजनीतिक दलों को प्रक्रिया से बाहर रखा गया, तो इन चुनावों को 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' (Free and Fair) नहीं माना जाएगा।

अमेरिकी सांसदों की मुख्य चिंताएं

अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों, जिनमें ग्रेगरी डब्ल्यू मीक्स और बिल होइजेंगा शामिल हैं, ने चुनावी प्रक्रिया में समावेशिता (Inclusivity) की कमी पर चिंता व्यक्त की है। उनके द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध: सांसदों ने आवामी लीग जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टी की गतिविधियों को निलंबित करने या उसे चुनाव से बाहर रखने के प्रयासों को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। उनका तर्क है कि किसी पूरी पार्टी को प्रतिबंधित करने से मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग अपने अधिकार से वंचित हो जाएगा।

  • अल्पसंख्यकों की सुरक्षा: हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों और उनकी राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सांसदों का कहना है कि भयमुक्त वातावरण के बिना लोकतांत्रिक चुनाव संभव नहीं हैं।

  • मानवाधिकारों का उल्लंघन: रिपोर्टों के अनुसार, विपक्षी समर्थकों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

मोहम्मद यूनुस और अंतरिम सरकार का पक्ष

शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद कार्यभार संभालने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने वादा किया है कि वे देश में पारदर्शी चुनाव कराएंगे। हालांकि, उनकी सरकार पर यह आरोप लग रहे हैं कि वे शासन में बड़े सुधारों के नाम पर चुनाव में देरी कर रहे हैं या चुनिंदा दलों को निशाना बना रहे हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फरवरी 2026 के इन चुनावों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिलती है, तो बांग्लादेश में आर्थिक अस्थिरता और बढ़ सकती है। विदेशी निवेश में पहले ही गिरावट देखी जा रही है, और राजनीतिक हिंसा की आशंका ने आम नागरिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

निष्कर्ष

अमेरिकी सांसदों का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि वाशिंगटन अब केवल चुनाव कराने भर से संतुष्ट नहीं है; वह एक ऐसी प्रक्रिया चाहता है जिसमें सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो। अब पूरी दुनिया की नजरें 12 फरवरी को होने वाली वोटिंग और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।