ट्रंप-पेट्रो बैठक: वाशिंगटन वार्ताओं के बाद अमेरिका-कोलंबिया संबंध कितने ठंडे?

ट्रंप-पेट्रो बैठक: व्हाइट हाउस वार्ताओं के बाद अमेरिका-कोलंबिया संबंध कितने ठंडे? ड्रग तस्करी, व्यक्तिगत हमलों और फोन कॉल से शिखर मुलाकात तक का विश्लेषण। तनाव कम हुआ या बरकरार? पूरी जानकारी हिंदी में।

ट्रंप-पेट्रो बैठक: वाशिंगटन वार्ताओं के बाद अमेरिका-कोलंबिया संबंध कितने ठंडे?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के बीच हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई पहली आमने-सामने की बैठक ने दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों में एक नया मोड़ ला दिया है। यह बैठक 3 फरवरी 2026 को हुई, जो ट्रंप के नवंबर 2024 में पुनः निर्वाचित होने और जनवरी 2025 में शपथ लेने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी। हालांकि बैठक के दौरान मुस्कुराते चेहरे और सौहार्दपूर्ण शब्द दिखे, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, जिससे संबंधों की 'ठंडक' बरकरार रहने का संकेत मिलता है।

तनाव की पृष्ठभूमि

पिछले महीनों में अमेरिका और कोलंबिया के संबंध बेहद खराब हो गए थे। ट्रंप ने पेट्रो को 'ड्रग लॉर्ड' या 'कोकीन तस्कर' कहकर निशाना बनाया और कोलंबिया पर अमेरिका में कोकीन की आपूर्ति का आरोप लगाया। अक्टूबर 2025 में ट्रंप प्रशासन ने पेट्रो, उनके परिवार और कोलंबियाई अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए, साथ ही कोलंबिया को नारकोटिक्स नियंत्रण में 'विफल देश' घोषित कर दिया। पेट्रो ने भी ट्रंप को गाजा में 'नरसंहार के साथी' कहा और अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को कोलंबियाई संप्रभुता का उल्लंघन बताया।

ट्रंप ने यहां तक सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दी, खासकर वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद कोलंबिया को निशाने पर लेते हुए। अमेरिका ने कोलंबिया को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रोक दी और पारस्परिक टैरिफ की चेतावनी दी। ये घटनाएं 'प्लान कोलंबिया' जैसे ऐतिहासिक सहयोग को खतरे में डाल रही थीं, जो दशकों से ड्रग तस्करी के खिलाफ साझा लड़ाई का प्रतीक रहा है।

फोन वार्ता से शिखर बैठक तक

तनाव के बीच जनवरी 2026 में दोनों नेताओं के बीच लगभग 45-60 मिनट की फोन वार्ता हुई, जिसे संबंधों में सुधार का पहला संकेत माना गया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने पेट्रो के 'लहजे' की सराहना की और व्हाइट हाउस में बैठक का न्योता दिया। पेट्रो ने ड्रग तस्करी, वेनेजुएला सीमा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा पर सहयोग का प्रस्ताव रखा। कोलंबिया के राजदूत डैनियल गार्सिया-पेना और रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने इस संवाद में मध्यस्थता की।

यह फोन कॉल ट्रंप की 'कोलंबिया में सैन्य कार्रवाई अच्छी लगेगी' वाली टिप्पणी के कुछ दिनों बाद आई, जिसने वैश्विक ध्यान खींचा।

बैठक के दौरान क्या हुआ?

3 फरवरी को ओवल ऑफिस में हुई बैठक उत्पादक रही, लेकिन विशेषज्ञों के अनुमान के विपरीत कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ। ट्रंप ने कहा, "हमने अच्छे से काम किया और साथ मिले।" पेट्रो ने कोलंबिया-वेनेजुएला सीमा पर ड्रग तस्करी रोकने और नवीकरणीय ऊर्जा निवेश पर साझेदारी का आग्रह किया। ट्रंप ने काउंटर-नारकोटिक्स रणनीतियों, प्रतिबंधों और अन्य मुद्दों पर काम जारी रखने का उल्लेख किया।

फोटो सेशन में दोनों मुस्कुराए, लेकिन कोई लिखित समझौता या संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ। बैठक कोलंबियाई दूतावास में भी आयोजित हुई, जहां पेट्रो ने संबंधों को 'चुनौतीपूर्ण समय' बताया।

बैठक के बाद संबंध कितने ठंडे?

बैठक के बावजूद संबंध पूरी तरह सामान्य नहीं हुए। ट्रंप ने वेनेजुएला के बाद कोलंबिया को 'अगला लक्ष्य' बताया था, हालांकि फोन कॉल ने नरमी लाई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैचारिक मतभेद (ट्रंप का दक्षिणपंथी रुख बनाम पेट्रो का वामपंथी एजेंडा) और ड्रग नीति पर असहमति बनी रहेगी। चैथम हाउस जैसे थिंक टैंक ने इसे 'अनिश्चित' बताया, जहां व्यावहारिक सहयोग संभव है लेकिन टकराव का खतरा बना हुआ है।

कोलंबिया अमेरिका का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी है, जहां तेल भंडार और ड्रग उत्पादन दोनों महत्वपूर्ण हैं। बैठक से द्विपक्षीय व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा हुई, लेकिन ठोस प्रगति के अभाव में 'ठंडक' बरकरार है।

आगे की राह

ट्रंप-पेट्रो बैठक ने तनाव कम करने की शुरुआत की, लेकिन ड्रग तस्करी, प्रतिबंध हटाना और वेनेजुएला जैसे मुद्दों पर आगे की वार्ताओं की जरूरत है। दोनों देशों को 'प्लान कोलंबिया' की तरह पुराने सहयोग को पुनर्जीवित करने का मौका है, वरना संबंध और खराब हो सकते हैं। यह मुलाकात लैटिन अमेरिका में अमेरिकी कूटनीति का परीक्षण बिंदु बनी हुई है।