सावधान! सरकारी योजना के नाम पर माताओं से ठगी: PMMVY लाभार्थियों को ऐसे निशाना बना रहे हैं जालसाज
सावधान! प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की लाभार्थियों को निशाना बना रहे हैं साइबर ठग। जानें कैसे फर्जी अधिकारी बनकर महिलाओं से OTP और बैंक डिटेल्स लूटी जा रही हैं और खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), जो गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है, अब साइबर अपराधियों के रडार पर है। हाल ही में गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के राजपर गांव और कर्नाटक के मंगलुरु जैसे इलाकों से ऐसी खबरें सामने आई हैं, जहां ठगों ने सरकारी अधिकारी बनकर ग्रामीण महिलाओं के बैंक खातों में सेंध लगाई है।
कैसे होता है खेल? (ठगी का तरीका)
जालसाज बहुत ही शातिराना तरीके से काम करते हैं। वे खुद को गांधीनगर या दिल्ली के सरकारी कार्यालय से जुड़ा अधिकारी बताते हैं। महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए वे उनके पास पहले से मौजूद व्यक्तिगत डेटा (जैसे नाम, मोबाइल नंबर और योजना की स्थिति) का उपयोग करते हैं।
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विश्वास जीतना: ठग कॉल करके पूछते हैं, "क्या आपको योजना की ₹3,000 या ₹5,000 की किस्त मिल गई है?"
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पेंडिंग पेमेंट का झांसा: वे दावा करते हैं कि आपकी अगली किस्त रुक गई है और इसे वेरिफाई करने के लिए एक 'प्रोसेसिंग कोड' या OTP की जरूरत है।
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लिंक और OTP: कुछ मामलों में वे लाभार्थियों को व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजते हैं या फोन पर OTP मांगते हैं। जैसे ही लाभार्थी क्लिक करता है या OTP साझा करता है, उनके खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।
राजपर गांव की घटना: जागरूकता ने बचाया
सुरेंद्रनगर के राजपर गांव में लगभग 30 महिलाओं को ऐसे फर्जी कॉल आए। ठगों ने उनसे बैंक डिटेल्स मांगी। हालांकि, एक स्थानीय उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम (CERC द्वारा आयोजित) के कारण अधिकांश महिलाएं सतर्क थीं। उन्होंने OTP साझा करने से मना कर दिया। दुर्भाग्य से, दो महिलाएं झांसे में आ गईं और उन्होंने लगभग ₹20,000 गंवा दिए। ग्रामीणों के लिए यह राशि स्वास्थ्य और पोषण के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी।
डेटा लीक की आशंका
मंगलुरु में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि 'पोषण ट्रैकर' (Poshan Tracker) ऐप से लाभार्थियों का डेटा लीक हो सकता है, जिसका उपयोग अपराधी कर रहे हैं। ठगों के पास लाभार्थियों और उनकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सटीक नाम तक होते हैं, जिससे ग्रामीण महिलाएं आसानी से उन पर भरोसा कर लेती हैं।
खुद को कैसे बचाएं?
सरकार और साइबर विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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OTP कभी न दें: कोई भी सरकारी विभाग या बैंक कभी भी फोन पर आपसे OTP (One Time Password) नहीं मांगता।
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अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज न करें।
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आधिकारिक जानकारी लें: यदि आपको अपनी किस्त के बारे में जानना है, तो केवल अपनी स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आधिकारिक PMMVY पोर्टल से संपर्क करें।
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हेल्पलाइन का उपयोग करें: किसी भी संदिग्ध कॉल की स्थिति में साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करें।





