मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे युमनम खेमचंद सिंह: मार्शल आर्ट्स के 'ब्लैक बेल्ट' को मिली शांति बहाली की कमान

मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बनेंगे युमनम खेमचंद सिंह। मार्शल आर्ट्स में ब्लैक बेल्ट विजेता खेमचंद सिंह पर है राज्य में शांति बहाली और समुदायों के बीच विश्वास जगाने की बड़ी जिम्मेदारी। जानें उनका सफर।

मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे युमनम खेमचंद सिंह: मार्शल आर्ट्स के 'ब्लैक बेल्ट' को मिली शांति बहाली की कमान

मणिपुर में जारी अनिश्चितता के दौर के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल हुई है। भाजपा ने वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री युमनम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) को अपना नया विधायक दल का नेता चुना है, जिससे उनका राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। लगभग एक साल से राष्ट्रपति शासन झेल रहे मणिपुर में यह कदम शांति बहाली और लोकतांत्रिक सरकार की वापसी की दिशा में एक बड़ी उम्मीद माना जा रहा है।

कौन हैं युमनम खेमचंद सिंह?

62 वर्षीय युमनम खेमचंद सिंह इम्फाल पश्चिम के 'सिंगजामेई' निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन काफी प्रभावशाली रहा है:

  • राजनीतिक सफर: उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2002 में एन. बीरेन सिंह के साथ की थी। 2017 में वे पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने और मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (Speaker) के रूप में कार्य किया। 2022 में दोबारा जीतने के बाद उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में कार्य किया।

  • मार्शल आर्ट्स में महारत: राजनीति के अलावा खेमचंद सिंह मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में एक वैश्विक पहचान रखते हैं। दिसंबर 2025 में, वह पारंपरिक ताइक्वांडो में '5वीं डैन ब्लैक बेल्ट' प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने। उन्हें यह सम्मान सियोल (दक्षिण कोरिया) में ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन द्वारा दिया गया।

शांति बहाली के लिए क्यों हैं अहम?

मणिपुर में मई 2023 से जारी मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के कारण राज्य गहरे संकट में है। खेमचंद सिंह की नियुक्ति के पीछे कुछ प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:

  1. सबकी स्वीकार्यता: खेमचंद सिंह को एक उदार मैतेई नेता के रूप में देखा जाता है। दिसंबर 2025 में, वह संघर्ष शुरू होने के बाद कुकी गांवों का दौरा करने वाले पहले प्रमुख मैतेई राजनेता बने।

  2. संवाद की पहल: उन्होंने राहत शिविरों का दौरा किया और समुदायों के बीच 'विश्वास की कमी' (Trust Deficit) को पाटने के लिए निरंतर संवाद की वकालत की है।

  3. RSS का भरोसा: उन्हें भाजपा के वैचारिक संगठन आरएसएस (RSS) का भी विश्वासपात्र माना जाता है, जो उनके नेतृत्व को मजबूती देता है।

चुनौतियां और भविष्य

मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था, जिसे अब समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खेमचंद सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती विस्थापित लोगों का पुनर्वास करना, समुदायों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाना होगा।