US-Iran War Averted? ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू, लेकिन क्या टल गया है महायुद्ध का खतरा?
मध्य पूर्व में मंडराते युद्ध के बादलों के बीच अमेरिका और ईरान ने ओमान में वार्ता शुरू की है। जानें क्या युद्ध टल गया है और दोनों देशों के बीच किन प्रमुख मुद्दों पर अब भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं।
मस्कट, ओमान: मध्य पूर्व (Middle East) में पिछले कई हफ्तों से जारी भारी तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक स्तर की वार्ता शुरू हो गई है। इसे इस समय दुनिया का सबसे बड़ा 'शांति प्रयास' माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े थे।
ओमान की मध्यस्थता और वार्ता की शुरुआत
ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी की मध्यस्थता में यह वार्ता 'अप्रत्यक्ष' (Indirect) तरीके से शुरू हुई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ व जारेड कुशनर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मस्कट में मौजूद हैं। ओमान के अधिकारियों ने अलग-अलग सत्रों में दोनों पक्षों से मुलाकात की, जिसका उद्देश्य बातचीत के लिए एक "उचित वातावरण" तैयार करना है।
क्या युद्ध टल गया है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन वार्ताओं की शुरुआत ने फिलहाल के लिए एक बड़े सैन्य टकराव को टाल दिया है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल "अवसर की एक खिड़की" है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो "बुरी चीजें" (Bad Things) हो सकती हैं। वर्तमान में, अमेरिकी नौसेना का बेड़ा (USS Abraham Lincoln) ईरान के तटों के पास तैनात है, जो किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार है।
प्रमुख मतभेद जो अब भी बरकरार हैं
भले ही बातचीत शुरू हो गई है, लेकिन दोनों देशों के बीच "अविश्वास की दीवार" काफी ऊंची है। मुख्य विवाद इन मुद्दों पर है:
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परमाणु कार्यक्रम: ईरान चाहता है कि बातचीत केवल उसके परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहे और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं।
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बैलिस्टिक मिसाइलें: अमेरिका का कहना है कि किसी भी स्थायी समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और लंबी दूरी की मिसाइलों पर प्रतिबंध शामिल होना चाहिए। ईरान इसे अपनी 'रेड लाइन' मानता है।
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क्षेत्रीय प्रभाव और प्रॉक्सी: अमेरिका चाहता है कि ईरान क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों (प्रॉक्सी) को अपना समर्थन देना बंद करे।
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मानवाधिकार: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि ईरान में हाल ही में हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों के साथ किए गए व्यवहार का मुद्दा भी मेज पर रहेगा।
ईरान का रुख: "सम्मान या संघर्ष"
ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने वार्ता को एक "अच्छी शुरुआत" बताया है, लेकिन साथ ही अमेरिका को 'साहसिक कार्यों' (Adventurism) के प्रति चेतावनी भी दी है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। वार्ता के कुछ घंटों पहले ही ईरान ने अपनी उन्नत खुर्रमशहर-4 मिसाइल का प्रदर्शन कर अपनी सैन्य ताकत का संकेत भी दिया।





