संसद में घमासान: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, बजट सत्र में बढ़ा सियासी पारा

"संसद बजट सत्र 2026: विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश किया अविश्वास प्रस्ताव। जानें डिप्टी स्पीकर पद और सांसदों के निलंबन को लेकर क्यों मचा है घमासान।"

संसद में घमासान: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, बजट सत्र में बढ़ा सियासी पारा
ओम बिरला

नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र 2026 उम्मीद के मुताबिक हंगामेदार साबित हो रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों (I.N.D.I.A. गठबंधन) ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस देकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सदन के संचालन में निष्पक्षता की कमी है और विपक्षी सांसदों की आवाज को दबाया जा रहा है।

क्यों लाया गया अविश्वास प्रस्ताव?

विपक्ष के इस कदम के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

  1. डिप्टी स्पीकर का पद: विपक्षी नेताओं, विशेषकर गौरव गोगोई ने सवाल उठाया है कि पिछले लंबे समय से डिप्टी स्पीकर का संवैधानिक पद खाली क्यों रखा गया है।

  2. सांसदों का निलंबन: हाल के सत्रों में रिकॉर्ड संख्या में हुए विपक्षी सांसदों के निलंबन को विपक्ष ने 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है।

  3. चर्चा की अनुमति न मिलना: विपक्ष का दावा है कि महंगाई, बेरोजगारी और सीमा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिसों को बार-बार खारिज किया जा रहा है।

क्या कहता है नियम?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94 और लोकसभा के नियमों के तहत, स्पीकर को हटाने के लिए कम से कम 14 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य है। इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता होती है।

सरकार का पक्ष

संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष के इस कदम को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'सदन की कार्यवाही बाधित करने की साजिश' बताया है। सरकार का कहना है कि स्पीकर ने हमेशा नियमों के तहत सदन चलाया है और विपक्ष के पास संख्या बल की कमी है, इसलिए यह प्रस्ताव केवल हेडलाइन बटोरने का एक तरीका है।

आगे क्या होगा?

यदि अविश्वास प्रस्ताव चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया जाता है, तो सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकता है। यह न केवल सरकार और विपक्ष के बीच की जंग है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले अपना नैरेटिव (Narrative) सेट करने की एक बड़ी कोशिश भी है।