मौत के साये से निकले 161 यात्री: दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग का पूरा सच

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर इंडिगो के विमान की 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग। तकनीकी खराबी के बाद हवा में मची चीख-पुकार, जानें कैसे पायलट की सूझबूझ से बची 161 यात्रियों की जान।

मौत के साये से निकले 161 यात्री: दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग का पूरा सच
इंडिगो विमान की 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग

नई दिल्ली: शनिवार की सुबह दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा एक बड़े हादसे का गवाह बनते-बनते रह गया। इंडिगो की एक फ्लाइट में अचानक आई तकनीकी खराबी ने 161 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सांसें अटका दीं। आसमान में मंडराते खतरे के बीच पायलट ने साहस का परिचय देते हुए विमान की 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग कराई।

कैसे शुरू हुआ 'मौत का सफर'?

जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की यह उड़ान दिल्ली से रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम या इंजन में खराबी (जांच जारी) की चेतावनी मिली। आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर विमान के डगमगाने से यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।

'फुल इमरजेंसी' का क्या मतलब होता है?

जैसे ही पायलट ने एटीसी (Air Traffic Control) को खराबी की सूचना दी, एयरपोर्ट पर तुरंत 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी गई। इसका मतलब है:

  • फायर टेंडर की तैनाती: रनवे के चारों ओर दमकल की गाड़ियां तैनात कर दी गईं।

  • एम्बुलेंस अलर्ट: किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए दर्जनों एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया।

  • रनवे खाली कराना: अन्य सभी उड़ानों को रोककर इमरजेंसी लैंडिंग के लिए रास्ता साफ किया गया।

यात्रियों की आंखों देखी: "लगा कि आज आखिरी दिन है"

विमान में सवार एक यात्री ने बताया, "अचानक विमान में कंपन महसूस हुआ और एयर होस्टेस ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा। हर कोई प्रार्थना कर रहा था। खिड़की से बाहर देखने पर रनवे पर दमकल की गाड़ियां दौड़ती दिख रही थीं, जिससे डर और बढ़ गया था।"

पायलट ने बेहद कुशलता से विमान के पहियों को रनवे पर उतारा। लैंडिंग के वक्त एक जोरदार झटका महसूस हुआ, लेकिन विमान सुरक्षित रूप से रुक गया। सभी 161 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

जांच के घेरे में इंडिगो?

यह पहली बार नहीं है जब विमानों में तकनीकी खराबी के मामले सामने आए हैं। डीजीसीए (DGCA) ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह एक 'इक्विपमेंट फेलियर' का मामला हो सकता है।

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि पायलटों का प्रशिक्षण और एयरपोर्ट की ग्राउंड टीम की मुस्तैदी ही थी, जिसने एक संभावित त्रासदी को टाल दिया।

सुरक्षा सर्वोपरि

दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई यह घटना हमें याद दिलाती है कि हवाई सफर में तकनीकी सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना एयरलाइंस कंपनियों के मेंटेनेंस प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े करती है।