सावधान! X पर 'AI वॉर वीडियो' डालना पड़ेगा भारी, एलन मस्क ने बंद की कमाई!

एलन मस्क के प्लेटफॉर्म X ने अपनी पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब बिना बताए AI-जनरेटेड वॉर वीडियो पोस्ट करने वाले क्रिएटर्स की कमाई (Revenue Sharing) 90 दिनों के लिए सस्पेंड कर दी जाएगी। जानिए नए नियम।

सावधान! X पर 'AI वॉर वीडियो' डालना पड़ेगा भारी, एलन मस्क ने बंद की कमाई!
सावधान! X पर 'AI वॉर वीडियो' डालना पड़ेगा भारी

X की नई स्ट्राइक: बिना डिस्क्लोजर वाले AI वॉर वीडियो पोस्ट किए, तो कटेगा कमाई का रास्ता

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अपने क्रिएटर्स के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। एलन मस्क के नेतृत्व वाले इस प्लेटफॉर्म ने घोषणा की है कि जो भी यूजर बिना जानकारी दिए AI-जनरेटेड (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा निर्मित) युद्ध के वीडियो पोस्ट करेगा, उसे प्लेटफॉर्म के 'रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम' से बाहर कर दिया जाएगा।

यह कदम खासतौर पर चल रहे वैश्विक संघर्षों और युद्ध की स्थिति में फैल रही भ्रामक जानकारियों (Misinformation) को रोकने के लिए उठाया गया है।


क्या है X की नई पॉलिसी?

X के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर (Nikita Bier) ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि प्लेटफॉर्म अपनी 'क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग' पॉलिसी में संशोधन कर रहा है। नए नियमों के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • 90 दिनों का सस्पेंशन: यदि कोई क्रिएटर AI द्वारा बनाया गया सशस्त्र संघर्ष (Armed Conflict) का वीडियो पोस्ट करता है और उसमें 'AI Disclosure' (यह जानकारी कि वीडियो AI से बना है) नहीं जोड़ता, तो उसकी कमाई 90 दिनों के लिए रोक दी जाएगी।

  • परमानेंट बैन: पहली गलती पर 3 महीने की पाबंदी होगी, लेकिन अगर यूजर दोबारा ऐसी गलती करता है, तो उसे रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से स्थायी रूप से (Permanently) बाहर कर दिया जाएगा।

  • सटीक जानकारी का महत्व: कंपनी का कहना है कि युद्ध के समय जमीन से आने वाली जानकारी का 'असली' होना बेहद जरूरी है ताकि लोग गुमराह न हों।


कैसे पकड़े जाएंगे नकली वीडियो?

X ने इन वीडियो की पहचान करने के लिए तीन स्तरों पर काम करने की योजना बनाई है:

  1. कम्युनिटी नोट्स (Community Notes): अगर अन्य यूजर्स किसी वीडियो को AI-जनरेटेड मार्क करते हैं और वह सही पाया जाता है, तो कार्रवाई होगी।

  2. मेटाडाटा (Metadata): AI टूल्स से बने वीडियो में तकनीकी रूप से कुछ संकेत (Signals) छिपे होते हैं, जिन्हें X के एल्गोरिदम ट्रैक करेंगे।

  3. तकनीकी सिग्नल: जेनरेटिव AI टूल्स के डिजिटल सिग्नेचर के जरिए भी इनकी पहचान की जाएगी।


क्रिएटर्स के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?

आजकल Midjourney और Sora जैसे AI टूल्स से इतने असली दिखने वाले वीडियो बनाए जा रहे हैं कि आम आदमी के लिए सच और झूठ में फर्क करना नामुमकिन हो गया है। हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच तनाव के दौरान कई ऐसे फर्जी वीडियो वायरल हुए जिन्होंने लोगों में डर और भ्रम पैदा किया।

X का यह फैसला क्रिएटर्स को वित्तीय रूप से चोट पहुँचाता है, जिससे वे केवल 'व्यूज' के चक्कर में फर्जी कंटेंट डालने से बचेंगे।

भरोसे की ओर एक कदम

एलन मस्क का यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो AI का उपयोग करके सनसनीखेज कंटेंट फैलाते हैं। अब X पर कमाई करने के लिए केवल क्रिएटिव होना काफी नहीं है, बल्कि ईमानदार होना भी जरूरी है। यदि आप भी एक क्रिएटर हैं, तो किसी भी AI कंटेंट को पोस्ट करते समय 'Made with AI' लेबल का उपयोग जरूर करें।