FBI का बड़ा एक्शन: अमेरिकी मेडिकल दिग्गज 'Stryker' को ठप करने वाले ईरानी हैकर्स का भंडाफोड़!

FBI ने Stryker कंपनी पर हमला करने वाले ईरानी हैकिंग ग्रुप 'Handala' के डोमेन जब्त किए हैं। जानें कैसे ईरान ने डिजिटल पर्दें के पीछे छिपकर अमेरिका के सबसे बड़े मेडिकल नेटवर्क को निशाना बनाया।

FBI का बड़ा एक्शन: अमेरिकी मेडिकल दिग्गज 'Stryker' को ठप करने वाले ईरानी हैकर्स का भंडाफोड़!
FBI का बड़ा एक्शन

ईरानी हैकर्स का 'डिजिटल जाल' ध्वस्त: FBI ने स्ट्राइकर (Stryker) हमले के बाद कड़े तेवर दिखाए

वॉशिंगटन/मिशिगन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब साइबर जगत में तबाही के रूप में दिख रहा है। हाल ही में अमेरिका की सबसे बड़ी मेडिकल डिवाइस कंपनी स्ट्राइकर (Stryker) के सिस्टम को ठप करने वाले हैकर्स के खिलाफ FBI (Federal Bureau of Investigation) ने बड़ी कार्रवाई की है।

FBI के निदेशक काश पटेल ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि "ईरान को लगा था कि वे नकली वेबसाइटों और कीबोर्ड धमकियों के पीछे छिपकर अमेरिकियों को डरा सकते हैं, लेकिन हम उनकी साजिशों के स्तंभों को एक-एक कर गिरा रहे हैं।"

क्या था पूरा मामला?

11 मार्च 2026 को स्ट्राइकर कंपनी के ग्लोबल नेटवर्क में अचानक भारी गड़बड़ी देखी गई। मिशिगन स्थित इस कंपनी के 79 देशों में मौजूद दफ्तरों के कंप्यूटर और कर्मचारियों के फोन अचानक 'वाइप' (डाटा डिलीट) होने लगे।

ईरान समर्थित हैकिंग ग्रुप 'Handala' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। हैकर्स का दावा था कि उन्होंने 2,00,000 से अधिक सिस्टम को ठप कर दिया और 50 टेराबाइट डेटा चोरी कर लिया। उन्होंने इसे ईरान के मीनाब (Minab) में एक स्कूल पर हुए हमले का बदला बताया।

FBI की कार्रवाई: डोमेन जब्त

जस्टिस डिपार्टमेंट और FBI ने साझा ऑपरेशन चलाकर उन चार प्रमुख डोमेन (Websites) को जब्त कर लिया है जिनका उपयोग 'Handala' और अन्य ईरानी ग्रुप दुष्प्रचार और डेटा लीक के लिए कर रहे थे। जब्त किए गए प्रमुख डोमेन हैं:

  1. handala-hack.to

  2. handala-redwanted.to

FBI की जांच में सामने आया कि ये वेबसाइटें केवल हैकिंग के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिकी पत्रकारों और ईरान के विरोधियों को जान से मारने की धमकी देने के लिए भी इस्तेमाल की जा रही थीं।

बिना मालवेयर के कैसे हुआ इतना बड़ा हमला?

साइबर विशेषज्ञों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हैकर्स ने किसी वायरस या मालवेयर का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने स्ट्राइकर के Microsoft Intune (एक डिवाइस मैनेजमेंट टूल) के एडमिनिस्ट्रेटर अकाउंट को हैक किया।

  • मास्टर चाबी का खेल: एक बार एडमिन एक्सेस मिलते ही, हैकर्स ने कंपनी के हजारों लैपटॉप और फोन को 'फैक्ट्री रिसेट' (Factory Reset) करने का कमांड भेज दिया।

  • परिणाम: कर्मचारियों के निजी डेटा से लेकर कंपनी के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड तक सब कुछ मिनटों में साफ हो गया।

क्या मरीज सुरक्षित हैं?

स्ट्राइकर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उनके मेडिकल उत्पाद, जैसे कि 'माको' (Mako) सर्जिकल रोबोट और डिफिब्रिलेटर (Defibrillators) पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, ऑर्डर प्रोसेसिंग और शिपिंग में हुई देरी के कारण सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है।

साइबर युद्ध का नया अध्याय

FBI की यह कार्रवाई केवल एक तकनीकी जीत नहीं है, बल्कि एक कूटनीतिक चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर ऐसे और हमले हो सकते हैं। अमेरिकी साइबर एजेंसी CISA ने सभी कंपनियों को अपने 'एंडपॉइंट मैनेजमेंट सिस्टम' को और अधिक सुरक्षित बनाने की सलाह दी है।