तेल का झटका! 11 दिनों में ₹7.5 बढ़ा पेट्रोल-डीजल; दिल्ली में ₹100 पार, जानें आपके शहर का आज का भाव
भारत में मात्र 11 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹7.5 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी हुई है। जानिए क्यों बढ़ रहे हैं दाम और किस शहर में मिल रहा है सबसे महंगा ईंधन।
आम जनता की जेब पर चौतरफा मार: 11 दिनों में ₹7.5 तक महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, दिल्ली में 4 साल बाद रिकॉर्ड तोड़ कीमतें
नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क - 25 मई, 2026): भारतीय उपभोक्ताओं के लिए मई का महीना महंगाई की तगड़ी मार लेकर आया है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार, 25 मई को देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से भारी बढ़ोतरी कर दी है। पिछले 11 दिनों के भीतर यह चौथी बड़ी बढ़ोतरी (4th Hike) है, जिसके बाद ईंधन की संचयी (Cumulative) बढ़ोतरी करीब ₹7.5 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 4 साल में पहली बार ₹100 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।
1. 11 दिनों का टाइमलाइन: कब-कब लगी कीमतों में आग?
भारत में लंबे समय तक ईंधन की कीमतें स्थिर रहने के बाद, 15 मई 2026 से कीमतों में संशोधन का सिलसिला दोबारा शुरू हुआ। आइए नजर डालते हैं इस 11 दिनों की पूरी टाइमलाइन पर:
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16 मई, 2026 (पहली बढ़ोतरी): तेल कंपनियों ने अचानक पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में ₹3.00 प्रति लीटर का सीधा इजाफा करके सबको चौंका दिया।
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23 मई, 2026 (तीसरी बढ़ोतरी): मामूली अंतराल के बाद पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
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25 मई, 2026 (आज की चौथी बढ़ोतरी): आज सोमवार सुबह पेट्रोल की कीमतों में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की एक और बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों की चेतावनी: एम्के ग्लोबल (Emkay Global) और अन्य मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि तेल कंपनियों के घाटे को देखते हुए आने वाले दिनों में कुल बढ़ोतरी ₹10 प्रति लीटर तक जा सकती है। यानी अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
2. देश के महानगरों और प्रमुख शहरों के नए रेट्स (25 मई 2026)
स्थानीय टैक्स (VAT) और माल ढुलाई शुल्क के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतें भिन्न होती हैं। आज की बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख शहरों की स्थिति इस प्रकार है:
पेट्रोल की नई दरें (Metro & Top Cities)
| शहर (City) | नया रेट (₹/लीटर) | आज की बढ़ोतरी (Hike) |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹115.73 | +₹2.88 |
| तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) | ₹115.49 | +₹2.88 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | +₹2.87 |
| जयपुर (Jaipur) | ₹113.35 | +₹3.51 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹111.21 | +₹2.72 |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | ₹108.77 | +₹2.61 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹107.77 | +₹2.46 |
| दिल्ली (Delhi) | ₹102.12 | +₹2.61 |
डीजल की नई दरें (Metro & Top Cities)
| शहर (City) | नया रेट (₹/लीटर) | आज की बढ़ोतरी (Hike) |
| तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) | ₹104.41 | +₹2.88 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹103.82 | +₹2.88 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹99.82 | +₹2.80 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹99.55 | +₹2.57 |
| जयपुर (Jaipur) | ₹98.39 | +₹3.34 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹97.83 | +₹2.81 |
| दिल्ली (Delhi) | ₹95.20 | +₹2.71 |
3. किस शहर में हैं सबसे ऊंचे दाम? (Highest Retail Rates)
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख बड़े शहरों में हैदराबाद में पेट्रोल की खुदरा कीमत सबसे अधिक ₹115.73 प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं डीजल के मामले में तिरुवनंतपुरम (केरल) सबसे आगे है, जहां कीमत ₹104.41 प्रति लीटर हो चुकी है। जयपुर में आज सबसे तीखा उछाल देखा गया, जहां पेट्रोल सीधे ₹3.51 महंगा हुआ।
4. आखिर क्यों आ रहा है यह 'तेल का तूफान'?
घरेलू बाजार में इस हाहाकार के पीछे पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं:
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यूएस-इरान संघर्ष और हॉर्मुज संकट: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण दुनिया का सबसे प्रमुख तेल मार्ग—स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz)—पूरी तरह प्रभावित हुआ है। वैश्विक कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं।
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तेल कंपनियों का घाटा: ओएनजीसी (ONGC) की निदेशक सुषमा रावत के अनुसार, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद करीब 76 दिनों तक भारतीय जनता को कीमतों से राहत दी थी। इस दौरान तेल विपणन कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को रोजाना करीब ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था, जिसे थामने के लिए कीमतें बढ़ाना अपरिहार्य हो गया था।
निष्कर्ष और आम जनता पर असर
डीजल की कीमतों में इस तेज वृद्धि का सीधा असर देश की लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई पर पड़ेगा। आने वाले हफ्तों में फल, सब्जियां, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जो पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता की जेब को और खाली करेगी।





