एलपीजी संकट: बिहार से मध्य प्रदेश तक होटलों की रसोई पर मंडराया 'तालाबंदी' का खतरा
"पश्चिम एशिया तनाव के कारण भारत में एलपीजी सिलेंडर का संकट गहराया। बिहार और मध्य प्रदेश समेत पूरे देश के होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर। जानें पूरा मामला और सरकार की तैयारी।"
पटना/भोपाल: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब सीधे तौर पर भारत की रसोई पर पड़ता दिख रहा है। एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत के कारण देश भर के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में हड़कंप मच गया है। बिहार और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिससे हजारों रेस्टोरेंट मालिकों के सामने अपने प्रतिष्ठान बंद करने का संकट खड़ा हो गया है।
क्यों हो रही है यह किल्लत?
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) में आई इस रुकावट के चलते तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस की आपूर्ति को सीमित कर दिया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic LPG) को प्राथमिकता दी जा सके।
होटलों और रेस्टोरेंट पर क्या है असर?
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स्टॉक खत्म: भोपाल और पटना जैसे शहरों के होटल संचालकों का कहना है कि उनके पास अब मात्र 24 से 48 घंटे का ही स्टॉक बचा है।
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मेन्यू में कटौती: कई रेस्टोरेंट अपनी गैस खपत कम करने के लिए मेन्यू से उन व्यंजनों को हटा रहे हैं जिन्हें बनाने में ज्यादा समय और गैस लगती है।
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बंद होने की कगार पर: रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें अपने व्यवसाय पूरी तरह से बंद करने पड़ेंगे।
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कालाबाजारी का डर: सप्लाई कम होने की वजह से खुले बाजार में सिलेंडरों की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं:
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तीन-सदस्यीय समिति का गठन: सरकार ने तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई है जो होटल और रेस्टोरेंट की आपूर्ति संबंधी शिकायतों का निपटारा करेगी।
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घरेलू प्राथमिकता: तेल रिफाइनरियों को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
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बुकिंग नियमों में बदलाव: जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू सिलेंडर की बुकिंग की समय-सीमा को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
व्यापारियों की मांग
व्यापारियों और होटल एसोसिएशन का कहना है कि वे न केवल एक बड़ा आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार पर भी तलवार लटक रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि गैस उपलब्ध नहीं कराई जा सकती, तो उन्हें कोयले या अन्य वैकल्पिक ईंधन से काम करने की अस्थायी अनुमति दी जाए, ताकि कम से कम रसोई चालू रह सके।
फिलहाल, सरकार ने आश्वासन दिया है कि वैकल्पिक शिपिंग मार्ग खोजे जा रहे हैं और जल्द ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। लेकिन तब तक, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए हर दिन एक नई चुनौती साबित हो रही है।





