सोनम वांगचुक रिहा! लद्दाख के 'आइस स्तूपा' मैन पर लगा NSA हटा, जानें 6 महीने की जेल और रिहाई की पूरी कहानी।
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को करीब 6 महीने बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने उन पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) वापस ले लिया है। जानें क्या है लद्दाख की मांग और क्यों गिरफ्तार हुए थे वांगचुक।
सोनम वांगचुक की बड़ी जीत: 6 महीने बाद जेल से बाहर आए लद्दाख के 'नायक', केंद्र ने वापस लिया NSA
Ladakh News Today: लद्दाख की ठंडी वादियों से लेकर जोधपुर की तपती जेल तक का सफर तय करने वाले प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) अब आजाद हैं। शनिवार, 14 मार्च 2026 को गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए वांगचुक पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
सोनम वांगचुक पिछले 6 महीनों से जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद थे। उनकी रिहाई न केवल उनके समर्थकों के लिए, बल्कि लद्दाख के लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए भी एक बड़ी खबर है।
क्यों हुई थी गिरफ्तारी? (The 2025 Protest)
यह पूरा मामला सितंबर 2025 में शुरू हुआ था। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची (6th Schedule) के तहत सुरक्षा की मांग को लेकर लेह में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
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आरोप: सरकार ने आरोप लगाया था कि 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा के पीछे वांगचुक का हाथ था।
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कार्रवाई: 26 सितंबर को उन्हें हिरासत में लेकर उन पर NSA लगा दिया गया और उन्हें लद्दाख से दूर राजस्थान की जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
रिहाई के पीछे के 3 बड़े कारण
गृह मंत्रालय के बयान और मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इस रिहाई के तीन मुख्य पहलू सामने आए हैं:
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संवाद की पहल: सरकार ने स्पष्ट किया है कि लद्दाख में शांति और 'पारस्परिक विश्वास' का माहौल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक बातचीत हो सके।
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सुप्रीम कोर्ट का दबाव: वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि अंगमो, द्वारा दायर की गई 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 मार्च को सुनवाई करने वाला था। कोर्ट ने पहले ही सरकार से वांगचुक के भाषणों के अनुवाद पर कड़े सवाल पूछे थे।
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लद्दाख का जन-दबाव: 'लेह एपेक्स बॉडी' और 'कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस' लगातार वांगचुक की रिहाई की मांग कर रहे थे। क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और छात्रों पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने नरमी बरती है।
क्या है लद्दाख की मुख्य मांगें?
लद्दाख के लोग लंबे समय से इन 4 प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं:
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लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले।
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संविधान की छठी अनुसूची (6th Schedule) में शामिल कर भूमि और संस्कृति को संवैधानिक सुरक्षा मिले।
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लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग (PSC) और नौकरियों में आरक्षण।
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लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें।
सोनम वांगचुक: मात्र एक कार्यकर्ता नहीं, एक विचार
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक वही व्यक्ति हैं जिन्होंने 'आइस स्तूपा' तकनीक और सौर ऊर्जा से चलने वाले मिट्टी के घर (Solar Mud Houses) बनाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। फिल्म '3 इडियट्स' का प्रसिद्ध किरदार 'रेंचो' भी इन्हीं से प्रेरित था।
सोनम वांगचुक की रिहाई इस बात का संकेत है कि लद्दाख के मुद्दे पर सरकार अब फिर से मेज पर बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने सिद्धांतों और लद्दाख की सुरक्षा की मांग से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन अब रास्ता 'हिंसा' का नहीं बल्कि 'संवाद' का होगा।





