HDFC Bank New Rules 2026: FD दरें, UPI-ATM विड्रॉल और लॉकर चार्ज में बड़े बदलाव, जानें सबकुछ!
HDFC बैंक ने मार्च-अप्रैल 2026 से बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। UPI से ATM विड्रॉल पर अब लगेगा चार्ज, साथ ही FD की ब्याज दरों और लॉकर रेंट में भी हुआ बदलाव। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक, HDFC Bank ने अपने ग्राहकों के लिए बैंकिंग के कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव की घोषणा की है। ये नए नियम मार्च 2026 से लागू हो चुके हैं और कुछ बड़े बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। अगर आपका खाता भी इस बैंक में है, तो इन अपडेट्स को नजरअंदाज करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
1. UPI के जरिए ATM से पैसे निकालना अब नहीं होगा 'एक्स्ट्रा' फ्री
अब तक कई लोग डेबिट कार्ड के बजाय सुरक्षित रहने के लिए UPI-based ATM withdrawal (QR कोड स्कैन करके पैसे निकालना) का इस्तेमाल करते थे।
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नया नियम: 1 अप्रैल 2026 से, UPI के जरिए किए गए ATM विड्रॉल को आपके नियमित Monthly Free ATM Limit में गिना जाएगा।
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लिमिट और चार्ज: यदि आप महीने की 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा (HDFC ATM पर) पार करते हैं, तो हर ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये + टैक्स का शुल्क देना होगा।
2. Fixed Deposit (FD) की ब्याज दरों में संशोधन
मार्च 2026 में HDFC बैंक ने अपनी FD दरों में भी बदलाव किया है।
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बढ़ोतरी: बैंक ने 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने की अवधि वाली FD पर ब्याज दर 10 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.50% कर दी है।
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सीनियर सिटीजन: वरिष्ठ नागरिकों को अभी भी सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.50% अधिक ब्याज मिल रहा है (अधिकतम 7.00% तक)।
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हालांकि, कुछ कम अवधि वाली FD (18-21 महीने) की दरों में मामूली कटौती भी देखी गई है।
3. बैंक लॉकर चार्ज में भारी इजाफा (184% तक की बढ़ोत्तरी)
HDFC बैंक ने लॉकर रेंट की दरों को पूरी तरह बदल दिया है और एक नई कैटेगरी 'Metro Plus' पेश की है।
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मेट्रो शहरों में छोटे और मध्यम लॉकर का रेंट काफी बढ़ गया है। कुछ शहरों में यह बढ़ोत्तरी 144% से 184% तक है।
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अब लॉकर एक्सेस के लिए आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि सुरक्षा को और पुख्ता किया जा सके।
4. क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स और लाउंज एक्सेस
अगर आप HDFC का Infinia या अन्य प्रीमियम क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो अब रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने की एक मासिक सीमा तय कर दी गई है। साथ ही, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के लिए अब सीधे कार्ड स्वाइप के बजाय वाउचर सिस्टम या न्यूनतम खर्च (Spending Criteria) की शर्त अनिवार्य कर दी गई है।
5. चेक क्लियरिंग (CTS) में बदलाव
RBI के निर्देशानुसार, अब चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है। Real-time clearing के तहत अब बैंकों को 3 घंटे के भीतर चेक को स्वीकार या रिजेक्ट करना होगा। इससे चेक बाउंस होने या पेमेंट रुकने की स्थिति में ग्राहकों को तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
बैंकिंग सेक्टर में डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ-साथ चार्जेस और सुरक्षा नियमों में भी बदलाव हो रहे हैं। HDFC बैंक के इन नए नियमों का उद्देश्य ट्रांजैक्शन शुल्क को एक समान बनाना और सुरक्षा को बढ़ाना है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मासिक ATM विड्रॉल का हिसाब रखें और लॉकर एग्रीमेंट को समय पर अपडेट करें।





