NFHS-5 का खुलासा: भारत में हर दूसरी महिला एनीमिया की शिकार, कहीं आप तो नहीं देख रहीं ये 5 लक्षण?

NFHS-5 सर्वे के अनुसार भारत में 57% महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही हैं। जानें आयरन की कमी के शुरुआती लक्षण और इसे दूर करने के लिए बेस्ट डाइट टिप्स।

NFHS-5 का खुलासा: भारत में हर दूसरी महिला एनीमिया की शिकार, कहीं आप तो नहीं देख रहीं ये 5 लक्षण?
NFHS-5 का खुलासा

एनीमिया का साइलेंट अटैक: क्यों भारत की आधी से ज्यादा महिलाएं हैं खून की कमी का शिकार? जानें  NFHS-5 की रिपोर्ट और बचाव के उपाय

नई दिल्ली/पटना: क्या आप अक्सर थकान महसूस करती हैं? क्या थोड़ा सा चलने पर आपकी सांस फूलने लगती है? यदि हाँ, तो इसे मामूली कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। यह आयरन की कमी (Iron Deficiency) या एनीमिया का संकेत हो सकता है। हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) की रिपोर्ट ने भारत में महिलाओं की सेहत की एक डरावनी तस्वीर पेश की है।

NFHS-5 सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु की लगभग 57% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इसका मतलब है कि देश की हर दूसरी महिला के शरीर में पर्याप्त खून नहीं है।

  • गर्भवती महिलाएं: 52% से अधिक गर्भवती महिलाएं इस समस्या का सामना कर रही हैं।

  • ग्रामीण बनाम शहरी: ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या शहरी इलाकों की तुलना में अधिक गंभीर है।

  • बच्चों पर असर: 67% छोटे बच्चे भी एनीमिया की चपेट में हैं, जो भविष्य की पीढ़ी के लिए खतरे की घंटी है।

आयरन की कमी के 5 प्रमुख लक्षण (Symptoms to Watch Out For)

एनीमिया के लक्षण अक्सर बहुत धीमे शुरू होते हैं, इसलिए लोग इन्हें पहचान नहीं पाते:

  1. अत्यधिक थकान: भरपूर नींद के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना।

  2. त्वचा का पीलापन: चेहरे, होंठों और नाखूनों का गुलाबी रंग खोकर पीला या सफेद पड़ जाना।

  3. सांस फूलना: सीढ़ियां चढ़ते समय या सामान्य काम करते हुए भी जल्दी थक जाना और सांस लेने में तकलीफ होना।

  4. हाथ-पैर ठंडे रहना: खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण हथेलियों और तलवों का हमेशा ठंडा रहना।

  5. सिरदर्द और चक्कर: मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की कम सप्लाई होने से अक्सर सिर घूमना या भारीपन रहना।

डाइट टिप्स: आयरन की कमी को कैसे दूर करें?

डॉक्टरों का मानना है कि सही खान-पान से एनीमिया को मात दी जा सकती है। अपने दैनिक आहार में इन चीजों को जरूर शामिल करें:

  • लाल और गहरे हरे रंग की सब्जियां: पालक, मेथी, बथुआ और चुकंदर आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं। चुकंदर हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है।

  • लाल पत्तेदार साग (Red Leafy Greens): लाल चौलाई (Red Amaranth) में सामान्य साग से कहीं ज्यादा आयरन होता है।

  • विटामिन-C का जादू: याद रखें, आयरन तभी पचता है जब शरीर को विटामिन-C मिले। इसलिए दाल या सलाद के साथ नींबू, संतरा या आंवला जरूर लें।

  • गुड़ और चना: पुराने समय का यह नुस्खा आज भी सबसे कारगर है। चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें।

  • लोहे की कड़ाही: सब्जी बनाने के लिए लोहे के बर्तनों का प्रयोग करें, इससे भोजन में आयरन की मात्रा प्राकृतिक रूप से बढ़ जाती है।

सावधानी: चाय और कॉफी से बचें

खाना खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने की आदत आयरन के अवशोषण (Absorption) को रोक देती है। खाने और चाय के बीच कम से कम 1 घंटे का अंतर रखें।


 आपकी राय

एनीमिया केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि कुपोषण और जागरूकता की कमी का परिणाम है। अपनी और अपने परिवार की सेहत के लिए आज ही अपनी डाइट में बदलाव करें।