ईरान की 'सुपर' शर्तें: खाड़ी से हटे अमेरिकी सेना, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर लगेगा टैक्स! क्या मानेंगे ट्रंप?

ईरान ने युद्धविराम के लिए अमेरिका के सामने रखीं 7 बड़ी शर्तें। खाड़ी से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में टैक्स वसूली की मांग। जानें क्या है ईरान का '15-पॉइंट' जवाब।

ईरान की 'सुपर' शर्तें: खाड़ी से हटे अमेरिकी सेना, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर लगेगा टैक्स! क्या मानेंगे ट्रंप?
ईरान की 'सुपर' शर्तें

ईरान का सख्त रुख: "शांति चाहिए तो खाली करें खाड़ी, और चुकाएं हॉर्मुज का टैक्स!"

तेहरान/वॉशिंगटन (25 मार्च, 2026): मिडिल ईस्ट का युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां कूटनीति (Diplomacy) और बारूद के बीच की दूरी कम होती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भेजे गए '15-पॉइंट शांति प्रस्ताव' के जवाब में ईरान ने अपनी शर्तों का पिटारा खोल दिया है।

ईरान की ये शर्तें न केवल अमेरिका के लिए चौंकाने वाली हैं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सैन्य समीकरणों को बदलने वाली हैं। आइए विस्तार से समझते हैं ईरान की वे 7 बड़ी मांगें जो उसने युद्धविराम (Ceasefire) के लिए रखी हैं।

1. खाड़ी से अमेरिकी ठिकानों की पूर्ण विदाई

ईरान की सबसे प्रमुख शर्त यह है कि अमेरिका को फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में स्थित अपने सभी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद करना होगा और अपनी सेना को वहां से हटाना होगा। ईरान का मानना है कि इस क्षेत्र में अस्थिरता की जड़ अमेरिकी सैन्य उपस्थिति है।

2. 'हॉर्मुज टैक्स': नया समुद्री नियम

ईरान ने एक बेहद साहसिक मांग रखी है। उसने मांग की है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर उसका पूर्ण नियंत्रण स्वीकार किया जाए। ईरान अब स्वेज नहर (Suez Canal) की तर्ज पर इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से 'ट्रांजिट फीस' (Transit Fees) वसूलना चाहता है। याद रहे कि दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।

3. युद्ध के नुकसान का हर्जाना (Compensation)

ईरान ने पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान के लिए भारी वित्तीय मुआवजे (Financial Reparations) की मांग की है। ईरान का तर्क है कि यह हमला उन पर थोपा गया था, इसलिए इसकी भरपाई हमलावरों को ही करनी होगी।

4. प्रतिबंधों का पूर्ण खात्मा

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल 'आंशिक राहत' से संतुष्ट नहीं होगा। शांति के बदले ईरान पर लगे सभी पुराने और नए प्रतिबंधों (Sanctions) को पूरी तरह हटाना होगा ताकि वह वैश्विक बाजार में अपना तेल और गैस स्वतंत्र रूप से बेच सके।

5. मिसाइल प्रोग्राम पर 'नो समझौता'

जहाँ अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करे, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम उसकी सुरक्षा की गारंटी है और वह इस पर कोई समझौता नहीं करेगा। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान 5 साल के लिए परीक्षणों को रोकने पर विचार कर सकता है, लेकिन वह भी कड़ी शर्तों के साथ।

6. इजरायली हमलों पर रोक

ईरान की एक शर्त यह भी है कि इजरायल को न केवल ईरान पर, बल्कि लेबनान में हिजबुल्ला और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों पर भी हमले तुरंत बंद करने होंगे।

7. भविष्य के लिए सुरक्षा गारंटी

तेहरान एक लिखित 'सुरक्षा गारंटी' चाहता है कि भविष्य में अमेरिका या इजरायल उसके खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे।


ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया: क्या यह मुमकिन है?

अमेरिकी अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर इन शर्तों को "अवास्तविक और अत्यधिक" (Unrealistic and Excessive) बताया है। ट्रंप का 15-पॉइंट प्लान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने पर केंद्रित था, जबकि ईरान की शर्तें अमेरिका को इस क्षेत्र से बेदखल करने की हैं।

क्या युद्ध और लंबा खिंचेगा?

ईरान की इन शर्तों ने गेंद अब वॉशिंगटन के पाले में डाल दी है। पाकिस्तान और ओमान जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टैक्स वसूलने और अमेरिकी ठिकानों को हटाने जैसी मांगें इतनी बड़ी हैं कि इन पर आम सहमति बनना फिलहाल नामुमकिन लगता है।