WhatsApp और Telegram यूजर्स सावधान! 1 मार्च से बदल रहे हैं नियम; सिम कार्ड निकाला तो बंद हो जाएगा अकाउंट!

भारत सरकार ने 1 मार्च 2026 से सिम बाइंडिंग (SIM Binding) नियम अनिवार्य कर दिया है। जानें कैसे WhatsApp और Telegram का इस्तेमाल बदल जाएगा और '6 घंटे' वाला नया नियम क्या है।

WhatsApp और Telegram यूजर्स सावधान! 1 मार्च से बदल रहे हैं नियम; सिम कार्ड निकाला तो बंद हो जाएगा अकाउंट!
WhatsApp और Telegram यूजर्स सावधान!

नई दिल्ली | 27 फरवरी, 2026   भारत में करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 1 मार्च 2026 से 'सिम बाइंडिंग' (SIM Binding) का नियम अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि इस समय-सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

अगर आप WhatsApp, Telegram या Signal जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपके लिए फोन में सिम कार्ड का होना अनिवार्य होगा। आइए समझते हैं कि इस नियम का आप पर क्या असर पड़ेगा।

क्या है 'सिम बाइंडिंग' नियम?

साधारण शब्दों में कहें तो, 'सिम बाइंडिंग' एक सुरक्षा फीचर है जो आपके मैसेजिंग ऐप (जैसे WhatsApp) को आपके फोन में मौजूद फिजिकल सिम कार्ड से 'लॉक' कर देता है।

  • अभी क्या होता है: आप एक बार OTP से लॉग-इन कर लेते हैं, उसके बाद अगर फोन से सिम निकाल भी दें या इंटरनेट वाई-फाई से चलाएं, तो ऐप चलता रहता है।

  • 1 मार्च से क्या होगा: ऐप लगातार चेक करेगा कि जिस नंबर से अकाउंट बना है, वह सिम फोन के अंदर एक्टिव है या नहीं। अगर सिम निकाला गया या डिएक्टिवेट हुआ, तो ऐप तुरंत काम करना बंद कर देगा।

WhatsApp Web यूजर्स के लिए '6 घंटे' का झटका

जो लोग ऑफिस के काम के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप पर WhatsApp Web का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह खबर थोड़ी परेशान करने वाली हो सकती है।

  • नए नियमों के मुताबिक, वेब वर्जन हर 6 घंटे (कुछ मामलों में 12 घंटे की चर्चा) में अपने आप लॉग-आउट हो जाएगा।

  • दोबारा लॉग-इन करने के लिए आपको फिर से QR कोड स्कैन करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका प्राइमरी फोन (जिसमें सिम है) पास में ही एक्टिव है।

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

सरकार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल धोखाधड़ी (Cyber Fraud) और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे स्कैम्स को रोकना है।

  1. फेक अकाउंट्स पर लगाम: अक्सर ठग विदेश या दूरदराज के इलाकों से भारतीय नंबरों पर WhatsApp चलाकर ठगी करते हैं। अब बिना फिजिकल सिम के ऐप नहीं चलेगा, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना आसान होगा।

  2. अकाउंट हाईजैकिंग का अंत: सिम बाइंडिंग से हैकर्स के लिए आपके अकाउंट को किसी दूसरे डिवाइस पर क्लोन करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

किसे होगी परेशानी?

  • Wi-Fi ओनली टैबलेट यूजर्स: वे डिवाइस जिनमें सिम स्लॉट नहीं है, उन पर WhatsApp चलाना अब मुश्किल होगा।

  • इंटरनेशनल ट्रैवलर्स: अगर आप विदेश जाकर वहां का सिम डालते हैं और भारतीय सिम निकाल देते हैं, तो आपका भारतीय नंबर वाला WhatsApp बंद हो सकता है (हालांकि सरकार इस पर कुछ रियायतें दे सकती है)।

  • छोटे बिजनेसमैन: जो लोग एक ही अकाउंट को कई डेस्कटॉप पर शेयर करते हैं, उन्हें बार-बार लॉग-इन करने की झंझट झेलनी होगी।