मिशन नंदा देवी: युद्ध के बीच कैसे 'होर्मुज' पार कर भारत पहुंचा LPG का विशाल जहाज?

इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारतीय LPG टैंकर 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' ने सफलतापूर्वक होर्मुज की खाड़ी पार कर ली है। जानिए कैसे भारत की डिप्लोमेसी ने टाल दिया बड़ा ऊर्जा संकट।

मिशन नंदा देवी: युद्ध के बीच कैसे 'होर्मुज' पार कर भारत पहुंचा LPG का विशाल जहाज?
भारत पहुंचा LPG का विशाल जहाज

युद्ध के मैदान से भारत की जीत: 'नंदा देवी' ने पार किया होर्मुज का चक्रव्यूह, 2 दिन में खत्म होगी गैस की किल्लत!

नई दिल्ली | 14 मार्च 2026  : मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद की गंध और समुद्र में तैनात जंगी जहाजों के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग के कारण जिस होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) को 'मौत का रास्ता' कहा जा रहा था, उसे भारत के विशालकाय LPG टैंकर 'नंदा देवी' (Nanda Devi) और 'शिवालिक' (Shivalik) ने सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

यह सिर्फ दो जहाजों की घर वापसी नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक जीत है, जो सीधे आपकी रसोई के बजट और सप्लाई से जुड़ी है।

1. क्यों अटकी थी भारत की सांसें?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है और इसका 90% हिस्सा इसी होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है। युद्ध के कारण पिछले 13 दिनों से यह रास्ता लगभग बंद था। 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' उन 24 भारतीय जहाजों में शामिल थे जो इस संकरे रास्ते के पश्चिमी हिस्से में फंस गए थे। इन दो जहाजों में करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लदा है, जो भारत की एक दिन की पूरी खपत के बराबर है।

2. 'मिशन नंदा देवी': मोदी-डिप्लोमेसी और नेवी का सुरक्षा कवच

इस नामुमकिन मिशन को मुमकिन बनाने के लिए दिल्ली से तेहरान तक फोन घनघनाए गए:

  • पीएम मोदी की पहल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से सीधे बात की और 'माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन' (unhindered transit) की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • ईरान का भरोसा: ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट कहा, "भारत हमारा दोस्त है, हम उन्हें संकट में नहीं देख सकते।" इसी दोस्ती का नतीजा है कि ईरान ने भारतीय जहाजों को विशेष 'सेफ पैसेज' दिया।

  • नौसेना का 'ऑपरेशन संकल्प': जैसे ही जहाज होर्मुज के संकरे रास्ते से निकले, भारतीय नौसेना (Indian Navy) के युद्धपोतों ने उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया।

3. कब और कहाँ पहुंचेंगे ये जहाज?

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार:

  • नंदा देवी और शिवालिक अब ओमान की खाड़ी को पार कर खुले समुद्र में हैं।

  • ये जहाज 16 या 17 मार्च तक गुजरात के मुंद्रा (Mundra) और कांडला (Kandla) पोर्ट पर डॉक करेंगे।

  • इनके पहुँचते ही देश के उन राज्यों में गैस की किल्लत खत्म हो जाएगी जहाँ वेटिंग पीरियड 10-15 दिन तक पहुँच गया था।


क्या अब खत्म हो जाएगा LPG संकट?

हालाँकि ये दो जहाज बड़ी राहत लेकर आ रहे हैं, लेकिन सरकार अब भी सतर्क है। संकट को देखते हुए घरेलू रिफाइनरियों में LPG उत्पादन को 31% तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने कमर्शियल गैस के बजाय बिजली के चूल्हों (Induction) पर सब्सिडी देना भी शुरू कर दिया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके।

निष्कर्ष: नंदा देवी की सफल वापसी यह साबित करती है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) बनाए रखने में सक्षम है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे 'पैनिक बुकिंग' न करें, क्योंकि बैकलाग अब तेज़ी से खत्म होने वाला है।