ट्रंप की ईरान को अंतिम चेतावनी: "अभी तो शुरुआत है, सबसे बड़ा हमला आना बाकी है"
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप के अनुसार, असली और सबसे बड़ा हमला अभी आना बाकी है। जानें मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध का पूरा विश्लेषण।
ट्रंप का 'बिग वेव' अलर्ट: ईरान के खिलाफ युद्ध का नया और घातक चरण
वाशिंगटन/तेहरान, 3 मार्च 2026: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब उस मोड़ पर पहुंच गया है जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप "द बिग वेव" (The Big Wave) कह रहे हैं। मंगलवार को व्हाइट हाउस से दिए गए एक कड़े संदेश में ट्रंप ने साफ कर दिया कि अब तक जो कुछ भी हुआ है, वह केवल शुरुआत थी। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ "सबसे बड़ा हमला अभी आना बाकी है।"
यह बयान तब आया है जब अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाएं ईरान के सैन्य अड्डों, परमाणु ठिकानों और नौसैनिक बेड़ों को लगातार निशाना बना रही हैं।
1. "अभी तो हमने उन्हें जोर से मारना शुरू भी नहीं किया"
एक ताजा इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना अपनी रणनीति के अनुसार 'शेड्यूल से आगे' चल रही है। उन्होंने कहा:
"हमने अभी उन्हें बुरी तरह मारना शुरू भी नहीं किया है। बड़ी लहर (Big Wave) अभी तक नहीं आई है। वह बहुत जल्द आने वाली है।"
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब केवल रक्षात्मक हमले नहीं, बल्कि ईरान के पूरे रक्षा ढांचे को 'नेस्तनाबूद' करने की तैयारी में है।
2. 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी': 4 से 5 हफ्ते का प्लान
पेंटागन और व्हाइट हाउस ने इस सैन्य अभियान को 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' का नाम दिया है।
-
समय सीमा: ट्रंप ने अनुमान जताया है कि यह युद्ध 4 से 5 सप्ताह तक चल सकता है, लेकिन अमेरिका इससे कहीं अधिक समय तक लड़ने की क्षमता रखता है।
-
लक्ष्य: इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल भंडार, नौसेना और परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना है।
3. रियाद में दूतावास पर हमला: जलती आग में घी का काम
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ईरानी ड्रोनों के हमले ने ट्रंप के तेवरों को और कड़ा कर दिया है।
-
हमले के बाद ट्रंप ने 'न्यूजनेशन' से कहा कि इस हमले का बदला ईरान को "बहुत जल्द पता चल जाएगा।"
-
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 6 अमेरिकी सैनिक शहीद हो चुके हैं, जिससे अमेरिकी जनता और सरकार के भीतर गुस्से का माहौल है।
4. वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत पर असर
ट्रंप की इस नई चेतावनी ने पूरी दुनिया के बाजारों को 'सकते' में डाल दिया है।
-
तेल की कीमतें: यदि "सबसे बड़ा हमला" होता है और ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की कोशिश करता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल को पार कर सकती हैं।
-
भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने 'गहरी चिंता' व्यक्त की है और नागरिकों को इन देशों को छोड़ने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की "सबसे बड़ी लहर" का संकेत ईरान के नतांज (Natanz) जैसे भूमिगत परमाणु ठिकानों की ओर हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह युद्ध दशकों तक चलने वाले क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे 'कभी न खत्म होने वाले युद्ध' के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन वे जीत से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।





